क्यो बताना भी पड़ता है उनको बो अल्फाजो की खामोसी को क्यो नही समझते अब मैं उस हद तक खो जाना चाहता हु की एक pl मैं ज़िंदगी गुजर जाये हा यह सच था की मुझे मोत से डर नही लगता पर जब से बो मुझे मिली मैं डरने लगा हु बस अब उनके लिए अपनी ज़िंदगी को बहुत संभाल कर रखने लगा हु यू आखो को पढने का तजुर्बा भी अजीब होता बिना बात किये ही खामोस कर देती है मुझे मुझे दुख इस बात का नही की (sबो) बात नही करते पर उनकी आँखे सब कुछ कह जाती है लफ्जो से ना सही पर उनके आँखों से बगावत हो जाती है जो बो नही कह पाते उनकी निगाहे कह जाती है इसलिए बो आज कल मुझसे नज़रें चुराने लगे है ओर अपने यहसास छुपाने लगे है कितना कन्ट्रोल रखते है बो अपने दिल दिमाक ओर निगाहो पर हम चाहते हुये भी रोक नही पाते अपने आप को everythingbittoranee