Iन्द्रजीत singh sikarwarअब नीद नही आती रातो’ ”””’ मैना ही कोरोना का डर .”””’ दिन मै ना धूप मैमुझे डर तो इस बात का है !”””बो समझते ,””””’ नही हमेदिमाक तो अब आराम रहा .”हैदिलो के कारोबार ”’मैअब कुछ सोच समझना का काम हि नही है ””’दिल काक्योकी सोच समझ कर व्यापार किया जदिल को खुश रखने के लिये यह खयाल अच्छा हैअब ओर नही लिख सकता हूदिल का दर्द इस खत मै नही लिख सकता हू,???????

!?? क्या उसको पा लेना  यह मेरी आखरी खोयैस होगी !- या उसको खो देना यह मेरे जीवन  भर का पछताओ  होगा .””!
”’ कभी-कभी दिल तो करता है!  अगर उसके साथ जी नही सकते ””’ तो मर तो सकते है ”’बस इस बात से दिल दुख जाता है! ”” मेरा की उसने सोचा होगा यह  
बस अब कुछ तन्हा है ”’हमकिसी को क्या बताये की किस बात पर बस इतना समझ लिज़िये ”’उनको हम पर भरोसा नही”” 
अब उनको कैसे समझाये ””’हमउनके आलवा मेरा कोई ”’नही   मेरे पास खोने को कुछ ””’नही ”””””उनके आलवा ”””’कही मै उनको खो ना दू   बस डरता इसी बात का हू  ,”””’ (मै)

Indrajeet singh sikarwar

अगर मै उसके इतज़ार’ ”” मै अपना पुरा जीवन निकाल .””दू यह भी सही होगा मेरे लिये ”’ क्याहा सही होगा अगर  इतज़ार. ””””दिल से हो
अब नीद नही आती रातो’ ”””’ मै ना ही कोरोना का डर .”””’ दिन मै ना धूप मैमुझे डर तो इस बात का है !”””बो समझते                                       ,””””’ नही हमे 
दिमाक तो अब आराम कर रहा .”है दिलो के कारोबार ”’मै 

अब कुछ सोच समझने का काम हि नही है                                              ””’दिल काक्योकी सोच समझ कर व्यापार किया जाता है (प्यार नही) 
अब तो यह लगता है  मै  इस खत मै सब दिल के अरमान लिख दू डर इस बात का है की कोई मेरी कमज़ोरी ना समझ ले   अगर किसी को बताऊ ””मै  ये दिल का दर्द तो समझ नही पायेगा यह दिल का दर्द है दिल ही समझ सकता है( जनाब) मै अंदर से टूट ना जाऊ क्या है की कोई नही है समझने को  इसलिये अपने आपको समझा लेता हू   
(बो मुझसे बहुत प्यार करती है)दिल को खुश रखने के लिये यह खयाल अच्छा है 
अब ओर नही लिख सकता हू  दिल का दर्द  इस खत मै नही लिख सकता हू,???????

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